दहक के हो चुकी है आग पानी|
अधर में सारे सपने जा चुके हैं,
निमंत्रण पत्र छपने जा चुके हैं|
बजे बाजे सगाई हो चुकी है,
वो लड़की अब परायी हो चुकी है|
पता ससुराल का सखियों नें पूछा,
तो बोली, वो महल जो सबसे ऊंचा|
कोई इंजिनियर है वो सुना है,
जो मुझसे हैसियत में १० गुना है|
बड़ी कोठी है लम्बी कार भी है,
किसी मंत्री का रिश्तेदार भी है|
मेरी छोटी सी दुनिया में वो रहती,
तो मेरे जैसे दुःख दर्द सहती|
मिली हर चीज जो थी उसके काबिल,
मैं देता भी तो क्या मामूली सा दिल|
ये दिल विल से रिहाई हो चुकी है,
वो लड़की अब परायी हो चुकी है|