मैं वही सांवला कृष्ण सा,
तुम मेरी राधा बनोगी क्या?
मैं कर्ता इंतज़ार शिव सा,
तुम पार्वती सा प्यार करोगी क्या?
अब हूँ बनारस की घाट सा,
तुम मुझमें बहती गंगा बनोगी क्या?
घुमने का शौक मुझे बहोत है,
तुम साथ में केदारनाथ चलोगी क्या?
राधा-कृष्ण का भक्त हु मैं,
तुम साथ में वृन्दावन में बेठोगी क्या?
अब हु अधुरा कवि सा मैं,
तुम मेरी पूरी कविता बनोगी क्या?
और हाँ पल-पल में टूट जाता हूँ,
तुम मुझे सम्भाल पाओगी क्या?
कर्ता इश्क मोहब्बत बेहिसाब हूँ मैं मोहतरमा❤️,
तुम मेरी आखिरी मोहब्बत बनोगी क्या?
(Some lines copied and remaining mine & I wanted to dedicate this to someone who is very much special for me but unfortunately I can't do...)
