सब कुछ बदलता जा रहा है ,
परिवार जो एक था बंटता जा रहा है,
दोस्तों का एक परिवार था वो छूटता जा रहा है,
बुरा समय ख़तम ही नहीं हो रहा है,
नए लोगों का तांता लगा हुआ है,
पर शायद आखिर में सब ठीक हो जाता है,
जो बीत रहा है वो गुजर जाता है,
जो गुजर गया है वो भुला दिया जाता है,
जो लोग जा रहे हैं उन्हें छोड़ दिया जाता है,
जो लोग छूट रहे हैं उन्हें बस समझ लिया जाता है,
जो अभी बुरा लग रहा है वो महज कठिन मान लिया जाता है,
जो कठिन है वो नया मान लिया जाता है,
शायद इसे कहते हैं ग्रोविंग उप,
द आर्ट ऑफ़ लेटिंग गो,
क्यूंकि आखिर में सब ठीक हो जाता है||
(Thank You Firdaus Mam For These Line & Sorry for Adding my lines)