Wednesday, March 29, 2023

काशी का मणिकर्णिका घाट और चैत्र नवरात्र की सप्तमी की रात

अजीब किन्तु सच



मणिकर्णिका घाट श्‍मसान खूब मशहूर है। खामोश, ग़मगीन, उदास और बीचबीच में चिताओं की लकड़ियों के चटखने की आवाज अमूमन किसी भी श्मशान का मंज़र या माहौल कुछ ऐसा ही होता है।

लेकिन अचानक अगर श्‍मासान में घुंघरु बचने लग जाए, मणिकर्णिका घाट में 364 में से एक ऐसी रात आती है जब इस श्मशान के लिए जश्न की रात होती है।

चैत्र नवरात्रि सप्तमी को आती है ये रात

दरअसल ये 350 साल पुरानी एक पराम्‍परा है जिसमें वैश्‍याएं पूरी रात यहां जलती चिताओ के पास नाचती है और थिरकती है। चैत्र नवरात्रि की सप्तमी को सजती है इस घाट पर मस्ती में सराबोर एक चौंका देने वाली महफ़िल। एक ऐसी महफ़िल जो जितना डराती है उससे कहीं ज्यादा हैरान करती है।

दरअसल चिताओं के करीब नाच रहीं लड़कियां शहर की बदनाम गलियों की नगर वधु होती हैं। कल की नगरवधु यानी आज की तवायफ। काशी के जिस मणिकर्णिका घाट पर मौत के बाद मोक्ष की तलाश में मुर्दों को लाया जाता है वहीं पर ये तमाम नगरवधुएं जीते जी मोक्ष हासिल करने आती हैं। वो मोक्ष जो इन्हें अगले जन्म में नगरवधू ना बनने का यकीन दिलाता है। इन्हें यकीन है कि अगर इस एक रात ये जी भरके यूं ही नाचेंगी तो फिर अगले जन्म में इन्हें नगरवधू का कलंक नहीं झेलना पड़ेगा।

सैकड़ों साल पुरानी है यह परम्परा है. बल्कि इसके पीछे एक बेहद पुरानी परंपरा है। मान्यताओं के मुताबिक आज से सैकड़ों साल पहले राजा मान सिंह द्वारा बनाए गए बाबा मशान नाथ के दरबार में कार्यकम पेश करने के लिए उस समय के जाने-माने नर्तकियों और कलाकारों को बुलाया गया था लेकिन चूंकि ये मंदिर श्मशान घाट के बीचों बीच मौजूद था, लिहाजा तब के चोटी के तमाम कलाकारों ने यहां आकर अपने कला का जौहर दिखाने से इनकार कर दिया था। लेकिन चूंकि राजा ने नृत्य के इस कार्यक्रम का ऐलान पूरे शहर में करवा दिया था, लिहाज़ा वो अपनी बात से पीछे नहीं हट सकते थे। लेकिन किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। जब किसी को कोई उपाय नहीं सूझा तो फैसला ये लिया गया कि शहर की बदनाम गलियों में रहने वाली नगरवधुओं को इस मंदिर में नृत्य करने के लिए बुलाया गयाऔर नगरवधुओं ने यहां आकर इस महाश्मशान के के बीच नृत् करने का न्योता स्वीकार कर लिया। ये परंपरा बस तभी से चली आ रही है। 

Friday, March 24, 2023

बनारस

 मैं मगन डमरू की धुन पर नाचूं,

तुम दशाश्वमेध का राग हो जाओ|

मैं तुमको छूँऊँ जलकर राख हो जाऊं,

तुम मणिकर्णिका की आग हो  जाओ||

(Not Mine)

:Prabhat_Singh

Thursday, March 23, 2023

Pyaar hai wo mera...bass dost kaise maan lu?

Ek din usne mujhe puchha ki kya hum dost ni reh sakte?

Maine kaha ki mai tumko kabhi dost ni maan paunga,

Teri aankho me wo raaten andekhi ni kar paunga,

Jis chehre ko leke maine sapne dekhe the us chehre ko kisi aur ka hote ni dekh paunga,

Tujhe dost kbhi ni maan paunga

Ye faisla tera hai.. tujhe mubarak

mai tujhse dur reh kar bhi ishq nibhaunga.


:heartlessLadka_

Mai Aur Mera Takiya

Takiya bheeg gya mera khaare pani se.... Jabse alag hua hai wo kirdar meri kahani se... Yhan mai kisi aur ladki se najaren bhi nahi mila pa ...